मराठी गझल लिहिण्या, वाचण्या, शिकण्यासाठीचं एक हक्काचं स्थान... मराठी गझलेचं एक मानाचं पान!
नव्या गझल
| गझल | गझलकार | प्रतिसाद |
|---|---|---|
| मी खळखळ हसते | निशिकान्त् | 0 |
| जिंदगी बेभान जगतो मी असा या भूवरी | जागो मोहन प्यारे | 0 |
| आठवांची अंतरी ही रांग आहे लांबडी | जागो मोहन प्यारे | 0 |
| सत्यमार्गा उजळुनी आम्हास तारा बापुजी | जागो मोहन प्यारे | 0 |
| बालकाच्या शुष्क गाली तू लळा शोधून ये | जागो मोहन प्यारे | 0 |
| ओंजळी भरून घे ( तरही गझल ) | वैभव आलिम | 0 |
| का जगावे? | निशिकान्त् | 0 |
| भास | चेतनकुमार चौधरी | 0 |
| बोलती माझ्या सवे | निशिकान्त् | 0 |
| रेमिक्सचीच गाणी | निशिकान्त् | 0 |
नवे प्रश्न / शंका
| प्रश्न | प्रश्नार्थी | उत्तरे |
|---|---|---|
| गझलविषयी प्रश्न | लक्ष्मण जगदाळे | 0 |
| नियम | निलेश केमसे | 1 |
| रजिस्टर | निलेश केमसे | 0 |
| सदर गझलेतिल व्याकरन कोनि सान्गेल का? (यमक आनि अन्त्ययमक का नाहित?) | वैभव आलिम | 0 |
| सर्व शायर मंडळींना नम्र विनंती | नाहिद नालबंद | 0 |
| व्याकरण | श्रीकान्त सोनावणे | 0 |
